हापुड़ जनपद भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण जनपद है। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का हिस्सा है तथा नई दिल्ली से लगभग 60 किलोमीटर पूर्व दिशा में स्थित है। अपनी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, उपजाऊ कृषि भूमि तथा विकसित परिवहन नेटवर्क के कारण हापुड़ कृषि, उद्योग और व्यापार का एक प्रमुख केन्द्र बनकर उभरा है।
हापुड़ जनपद का गठन 28 सितंबर 2011 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पंचशील नगर नाम से किया गया था। बाद में 23 जुलाई 2012 को इसका आधिकारिक नाम बदलकर हापुड़ जनपद कर दिया गया। इस जनपद में हापुड़, धौलाना और गढ़मुक्तेश्वर तीन तहसीलें सम्मिलित हैं।
हापुड़ जनपद का कुल क्षेत्रफल लगभग 660 वर्ग किलोमीटर है। इसके उत्तर में मेरठ, दक्षिण में बुलंदशहर, पूर्व में अमरोहा तथा पश्चिम में गाजियाबाद जनपद स्थित हैं। यह जनपद उपजाऊ इंडो-गंगा (गंगा-यमुना) के मैदानी क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण कृषि यहाँ की प्रमुख आर्थिक गतिविधियों में से एक है।
हापुड़ की जलवायु उपोष्णकटिबंधीय (Subtropical) है, जिसमें गर्म ग्रीष्म ऋतु, ठंडी शीत ऋतु तथा मानसून का मौसम शामिल है। गर्मियों में तापमान लगभग 45°C तक पहुँच जाता है, जबकि सर्दियों में यह लगभग 5°C तक गिर सकता है। जनपद में औसतन 700–800 मिमी वार्षिक वर्षा होती है, जो मुख्यतः दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होती है।
कृषि हापुड़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यहाँ की प्रमुख फसलें गेहूँ, गन्ना, धान, मक्का, आलू तथा दलहन हैं। कृषि के अतिरिक्त हापुड़ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केन्द्र के रूप में भी विकसित हुआ है। यह स्टेनलेस स्टील पाइप एवं ट्यूब, पेपर कोन, पापड़, इंजीनियरिंग उत्पादों तथा पिलखुवा के प्रसिद्ध हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग के लिए जाना जाता है।
जनपद ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी निरंतर प्रगति की है। यहाँ अनेक सरकारी एवं निजी विद्यालय, महाविद्यालय तथा व्यावसायिक शिक्षण संस्थान स्थित हैं। स्वास्थ्य सेवाएँ जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से प्रदान की जाती हैं।
परिवहन की दृष्टि से हापुड़ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (NH-9) पर स्थित है तथा रेल मार्ग द्वारा दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। हापुड़ रेलवे स्टेशन इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है।
गढ़मुक्तेश्वर, जो जनपद का एक प्रमुख नगर है, धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गंगा नदी के तट पर स्थित यह नगर अपने प्राचीन मंदिरों तथा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इसके अतिरिक्त पिलखुवा अपने उत्कृष्ट हथकरघा उत्पादों एवं गृह सज्जा के वस्त्रों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।
वर्तमान समय में हापुड़ एक तीव्र गति से विकसित होता हुआ जनपद है, जहाँ कृषि, उद्योग, व्यापार, शिक्षा तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। दिल्ली के निकट स्थित होने तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण हापुड़ के आर्थिक विकास एवं निवेश की संभावनाओं में निरंतर वृद्धि हो रही है।